20 वर्षों की समाज सेवा का मिला राष्ट्रीय सम्मान, चापाडांड के मणिचंद आपट को ‘भारत सेवा पुरस्कार-2026’….
कुरडेग | प्रतिनिधि
सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड अंतर्गत डुमरडीह पंचायत के छोटे से गांव चापाडांड निवासी मणिचंद आपट को समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उनके दो दशक से अधिक के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘भारत सेवा पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया है। इस राष्ट्रीय सम्मान से पूरे कुरडेग प्रखंड सहित जिले में हर्ष और गौरव का वातावरण है। स्थानीय ग्रामीणों, शुभचिंतकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व की उपलब्धि बताया है।
जारी सम्मान-पत्र के अनुसार, मणिचंद आपट को सामाजिक सेवा, सामुदायिक विकास, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में उनके दीर्घकालीन एवं समर्पित योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के साथ दो दशकों से अधिक समय तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में समाजहित में निरंतर कार्य किया है।
अपने लंबे सामाजिक जीवन के दौरान उन्होंने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों को संगठित कर सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मान-पत्र में उनकी नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, समर्पण, निस्वार्थ कार्यशैली एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की विशेष सराहना की गई है। यह सम्मान 2 अगस्त 2026 को जारी प्रमाण-पत्र के माध्यम से प्रदान किया गया, जिस पर जिवरन फाउंडेशन के संस्थापक, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के हस्ताक्षर अंकित हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान के बाद चापाडांड सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों तक निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने वाले मणिचंद आपट ने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से किया गया कार्य एक न एक दिन अवश्य सम्मानित होता है।
ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि मणिचंद आपट की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा उन्हें समाज सेवा, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
इस अवसर पर मणिचंद आपट ने सम्मान के लिए अपने सभी सहयोगियों, शुभचिंतकों एवं समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है, जिन्होंने सेवा कार्यों में हर कदम पर मेरा साथ दिया। यह सम्मान मुझे भविष्य में समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए और अधिक प्रेरित करेगा।”
